चलिए भारत के ऐसे गांव में जहाँ मात्र 10 से 100 रूपये में बिक जाती है महिला की इज़्ज़त । Is this what we called Woman Empowerment

हम लोग आजकल अपने सोशल मिडिया या न्यूज़ चैनलों पर कोर्ट की 3 तलाक पर आई प्रतिक्रिया पर काफी खुसी मना रहे है और बोल रहे है की महिलाओ को उनका हक़ मिल गया पर क्या सच में उन्हें अपना हक़ मिला ? हम आपको बताना चाहते है की भारत में ऐसे कई ग्रामीण इलाके है जहाँ आज भी महिलाओ की हालत बत से बत्तर है । आज हम आपके सामने एक ऐसे ही गांव के बारे में बताएंगे जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे ।

ये मामला मध्यप्रेदश के शिवपुरी गांव का है जहाँ एक प्रथा चल रही है जिसने Woman Empowerment के दावों को ही नष्ट कर दिया । इस प्रथा का नाम "धड़ीचा" है , इस प्रथा के अनुसार आप मात्र 10 से 100 रुपये के stamp paper के ज़रिये किसी भी महिला की इज़्ज़त के साथ खेल सकते है और जब इस stamp paper की मियाद ख़त्म होती है तो वो किसी ओर पुरुष को वो महिला को बेच सकता है ।

और ये कैसे काम करता है वो भी जानिये

इस प्रथा के अनुसार खरीदने वाले पुरुष और बेचीं गई महिला के बीच एक Contract होता है , जिसका खर्च सिर्फ 10 से 100 रुपये के बीच होता है मतलब एक  महिला की इज़्ज़त मात्र 10 से 100 रूपये ?

अब आपको बताते है की 10 रुपये और 100 रुपये के stamp paper में क्या अंतर है ?

1 0 रुपये और 100 रुपये के stamp paper से मतलब है की अगर आपने 10 रुपये का स्टाम्प बनवाया है तो वो महिला आपके पास कुछ दिन रहेगी और अगर आपने 100 रूपये का stamp paper बनवाया है तो वही महिला आपके पास ज़्यादा दिन रहेगी और इसके बाद वो महिला वापस लौट आती है अपने घर और फिर से इसी प्रथा के लिए तैयार होती है .

ये सोचकर ही कितना अजीब लगता है की आज के दौर में भी ऐसी कोई कुप्रथ अच्छे से फल-फूल रही । अब Stamp paper बन रहा है तो ये सरकार के भी नज़रो में होगा फिर भी वहा की सरकार इस कुप्रथा का पूरा समर्थन करती है । ये वो कुछ बाते है जो हमारी नज़रो में आ जाती है पर ऐसी कई प्रथाए है जिनके बोझ के तले आज भी महिलाए दबी हुई है ।

 अब आप ये न सोचियेगा की वहाँ की महिला इसका विरोध नहीं करती , कई महिलाए ने इसकी शिकायत प्रशासन से की है पर जिनकी सुनवाई उनके घर वाले नहीं सुनते तो उनकी प्रशासन क्या सुनेगा फिर भी कुछ महिला है जो इस प्रथा का ज़ोरो-सोरो से विराध कर रही है पर उनका कहना है की " जब तक वो महिलाए अपनी मदद खुद नहीं करेंगी तब तक इस कुप्रथा को समाप्त करना नामुमकिन है ।"

Source
WOMAN EMPOWERMENT VIRAL INDIA STAMP Madhya Pradesh contract

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