विश्व शरणार्थी दिवस (World Refugee day ) क्या है ?

दुनिया में लगभग 100 में से 1 आदमी बेघर है ! किसी कारणवश उसे अपने घर त्यागना पड़ा है या उसके रहने के लिए घर है ही नहीं ! ये आंकड़े दुनिया के अलग अलग हिस्सो में अलग अलग हैं ! Middle ईस्ट में हर 20 में से 1 आदमी बेघर है Africa में हर 6 में से 1 आदमी बेघर है और यूरोप में कुल आबादी का ०.७% लोग बेघर हैं !

विश्व शरणार्थी दिवस (World Refugee day ) क्या है ?

दुनिया में लगभग 100 में से 1 आदमी बेघर है ! किसी कारणवश उसे अपने घर त्यागना पड़ा है या उसके रहने के लिए घर है ही नहीं ! ये आंकड़े दुनिया के अलग अलग हिस्सो में अलग अलग हैं ! Middle ईस्ट में हर 20 में से 1 आदमी बेघर है Africa में हर 6 में से 1 आदमी बेघर है और यूरोप में कुल आबादी का ०.७% लोग बेघर हैं !

आज दुनिया में लगभग 100 में से 1 आदमी बेघर है ! किसी कारणवश उसे अपने घर त्यागना पड़ा है या उसके रहने के लिए घर है ही नहीं ! ये आंकड़े दुनिया के अलग अलग हिस्सो में अलग अलग हैं ! Middle east  में हर 20 में से 1 आदमी बेघर है Africa  में हर 6 में से 1 आदमी बेघर है और यूरोप में कुल आबादी का ०.७% लोग बेघर हैं ! इस समय सीरिया के लगभग 1 करोड़ 25 लाख (१२.५ मिलियन ) लोग बेघर हैं !आज पूरा विश्व शरणार्थी की समस्या से जूझ रहा है ! सबसे ज्यादा शरणार्थी का सामना यूरोपीय देशो को करना पढ़ रहा है! यूरोप में हर साल शरणार्थी की संख्या बढ़ती जा रही है ! साल २०15 में लग भाग 1.3 मिलियन शरणार्थी प्रवेश किये ! इसमें से ज़्यादा संख्या उन देशो से आये शरणार्थी की थी जो अभी युद्ध की चपेट में हैं ! जैसे सीरिया ,इराक ,अफगानिस्तान आदि ! ये बड़े दुःख की बात ही की दुनिया के लगभग 86% शरणार्थी विकासशील या अविकसित देशो में शरन पाते हैं ! विकसित देशो के  द्वार अभी भी शरणार्थी के नहीं खुले  हैं! 

विश्व शरणार्थी दिवस (World Refugee day ) क्या है ?

दुनिया भर में फैले शरणार्थियों की शक्ति, हिम्मत और हौसले को स्वीकृति देने के लिए संयुक्त राष्ट्र 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के रूप में मनाता है। हर साल 20 जून पूरी दुनिया शरणार्थी के शक्ति साहस और हौसले को सलाम करती है ! जिन्होंने किसी न किसी कारणवश अपना घर बार अपना देश अपनी सम्पति सब कुछ छोड़ कर जीवन जीने के चाह में कही और जाने को मज़बूर हुए !

क्या है इतिहास ?

साल २००१ में अफ्रीकी देशों की एकता को अभिव्यक्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र परिषद द्वारा एक प्रस्ताव पारित किया गया था। ये प्रस्ताव 4 दिसंबर 2000 को प्रस्ताव पारित किया गया ! इस प्रस्ताव शरणार्थियों की स्थिति से संबंधित 1951 संधि के 50वें वर्षगाँठ के रूप में चिह्नित किया गया,और ऑर्गनाइजेशन ऑफ़ अफ्रीकन यूनिटी (ओएयू) अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी दिवस को अफ्रीका शरणार्थी दिवस के साथ-साथ 20 जून को मनाने के लिए सहमत हो गया। । इसलिए संयुक्त राष्ट्र परिषद ने सन 2001 से प्रत्येक वर्ष 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इस प्रस्ताव में वर्ष 2001 को शरणार्थियों की स्थिति से संबंधित 1951 संधि के 50वें वर्षगाँठ के रूप में चिह्नित किया गया, और ऑर्गनाइजेशन ऑफ़ अफ्रीकन यूनिटी (ओएयू) अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी दिवस को अफ्रीका शरणार्थी दिवस के साथ-साथ 20 जून को मनाने के लिए सहमत हो गया। इसलिए परिषद ने सन 2001 से प्रत्येक वर्ष 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग ने दुनिया भर के लगभग 1 करोड़ 40 लाख शरणार्थियों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकृष्ट करने के लिए यह दिन निर्धारित किया था। इसका दिन को मानाने का उद्देश्य शरणार्थियों की दुर्दशा की तरफ दुनिया भर के लोगो और देश की सरकारों का ध्यान आकर्षित करना है ! आज विश्व में लगभग 1 करोड़ 40 लाख शरणार्थियों जो बहुत है कठिन परिस्थितियों में अपना जीवन यापन कर रहे हैं !

इस दिन क्या होता है ?

बहुत सरे अंतर्राष्ट्रीय संगठन  और N.G.O’s  इस अवसर पर अनेक गतिविधियाँ आयोजित करता है। इसमें प्रमुख नाम है  रेस्क्यू कमिटी (आई आर सी) और एमनेस्टी इंटरनेशनल !
इस दिन की गतिविधियों में शामिल है:

• शरणार्थी स्थलों के हालात का जाएज़ा लेना  

• शरणार्थियों और उनकी समस्याओं से संबंधित फिल्मों का प्रदर्शन

• जो शरणार्थियों किसी कारणवश गिरफ्तार होगये हैं उसकी आज़ादी के लिए विरोध प्रदर्शन

• जेल में बंद शरणार्थियों के लिए सही चिकित्सकीय सुविधा और नैतिक समर्थन उपलब्ध कराने के लिए रैलियाँ निकालना

विश्व शरणार्थी दिवस ((World Refugee day) दुनिया भर के शरणार्थियों के दुखों और तकलीफों को दुनिया से रूबरू करने का दिन है।

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