मोहल्ला क्लिनिक क्या है ?

एक ऐसे क्लिनिक जो आपको मुफ्त परामर्श ,मुफ्त आवश्यक दवाये , बच्चो के लिए मुफ्त टीकाकरण और 50 बुनियादी जाँच की सुविधा देता है

मोहल्ला क्लिनिक क्या है ?

एक ऐसे क्लिनिक जो आपको मुफ्त परामर्श ,मुफ्त आवश्यक दवाये , बच्चो के लिए मुफ्त टीकाकरण और 50 बुनियादी जाँच की सुविधा देता है

ब्रिटिश पत्रिका लांसेट की मने तो भारत में स्वस्थ संबंधी सुविधाएं कम हैं समस्याएं उनसे कही ज़्यादा हैं ! पर्यटको के लिए लोकपिरये गोवा में प्रति 614 व्यक्तियों के लिए 1 सरकारी बेड है वही बिहार में 8,789 आदमियो पर एक सरकारी बेड है ! गभीर बात ये है की यहाँ जितनी स्वस्थ कर्मियों की ज़रूरत है उतने है ही नहीं ! डॉक्टरों की आवश्यकता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है की हर १ लाख लोगो पर सिर्फ ५७ डॉक्टर हैं ! ऐसा नहीं है की सिर्फ डॉक्टर ही की कमी है स्वस्थ से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र में अनुभवी लोगो की कमी है ! जो सरकारी स्वस्थ संबंधी प्रणाली भारत में काम करती है उसके सर्विस क्वालिटी की समस्या बहुत पुरानी है ! सरकारी अस्पताल कम होने की वगह से भीड़ बहुत ज़्यादा है और सरकारी अस्पताल की वयवस्था ऐसी नहीं है की वो इस बिड की संभल सके! लांसेट का कहना है की आज शहरो के सिर्फ ३२ % लोग ही सरकारी अस्पताल का उपयोग करते हैं ये संख्या आज से दो दशक पहले अलग थी ! लांसेट के अनुसार साल 1995-96 में सरकारी अस्पताल का उपयोग करने वालो की संख्या तक़रीबन ४३ % थी ! ये संख्या सरकारी अस्पताल में होने वाली आ सुविधा और वह पहुचने वाली भीड़ की वजह से है ! गांवों में अस्पताल न होने की वजह से गांवों के लोग मज़बूरी में इलाज के लिए शहर का रुख करते हैं जिस वजह से जो अस्पताल शहरो में स्थित हैं वहां भी बहुत भीड़ हो रही है !

मोहल्ला क्लिनिक क्या है ?

लोगो को स्वस्थ संबंधी सुविधएं प्रदान करने के लिए दिल्ली सरकार ने साल २०१५ में मोहल्ला क्लिनिक की शुरुआत की ! छोटी छोटी बिमारिओ ले लिए अस्पतालों के चक्कर न लगाना पड़े इस लक्ष के साथ इस योजना की शुरुआत की गई ! इस क्लिनिक में आपको मुफ्त परामर्श ,मुक्त आवश्यक दवाये , बच्चो के लिए मुफ्त टीकाकरण और 50 बुनियादी जाँच और परामर्श की सुविधा मिलती है ! तत्कालीन दिल्ली सरकार ( इस समय दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है ) ने इसके अगले चरण में specialist डॉक्टर्स सुविधा देना का योजना भी बनाई है ! जो की rotational बेसिस पे होगा !

कैसे हुई शुरआत ?

साल २०१५ में दिल्ली में जब आप (आम आदमी पार्टी ) की सरकार आई तो दिल्ली में बहुत सरे बदलाव भी आये ! नई नई सरकारी योजनाए कुछ पुराने कानूनों में बदलाव हुए और भी बहुत कुछ हुआ जैसे कोई बिलकुल नई पार्टी के आने पर होता है ! इसमें कुछ बदलाव ने बहुत सुर्खिया बटोरी पहले था बिजली बिलो में होने वाली कमी , नई दिल्ली सरकार ने बिजली कॉम्पनियो के ऑडिट में बदलाव करवाये या उन्हें रद्द करवाया और भी कई कड़े कदमो के कारन बिजली कंपनियों को बिजली के दामो में कमी करनी पड़ी जिससे महगाई से परेशान आम जनता को थोड़ी रहत मिली ! दूसरे बड़े बदलाव में से एक था मुफ्त पानी मुहय्या करना ! इलेक्शन के पहले अपनों वादों में आप पार्टी ने वादा किया था बीस किलोलीटर तक मुफ्त पानी देने के इसी वादे को अमलीजामा पहनते हुए दिल्ली सरकार ने मुफ्त पानी की शुरुआत की ! तीसरी बड़े बदलाव में से एक था मोहल्ला क्लिनिक की शुरआत ! आज भारत का स्वस्थ क्षेत्र बहुत सारी समस्या से जूझ रहा है ऐसे में दिल्ली इससे अछूती नहीं रह सकती दिल्ली में भारत के सबसे बड़े अस्पतालों में से कई अस्पताल मौजूद हैं पर छोटी छोटी और रोज बा रोज की समस्याओ के लिए बड़े अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाया जा सकता ऐसे में दिल्ली को आवश्यकता थी छोटे अस्पतालों की मोहल्ला क्लिनिक इन्ही बातो को ध्यान में रख कर शुरू किया गया है !

कौन है आप ( आम आदमी पार्टी ) ?

आप भारत की एक राजनितिक पार्टी (भारतीय राजनीतिक दल) है ! इसकी शुरुआत सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल एवं अन्ना हजारे के लोकपाल आंदोलन से जुड़े बहुत से सहयोगियों द्वारा किया गया ! साल २०१२ में जब अन्ना हजारे जन लोकपाल आंदोलन चला रहे थे उसी समय उनका साथ देने बहुत से लोग पहुचे !  अरविन्द केजरीवाल जो की तब एक सामजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे वो भी इस आंदोलन का हिस्सा बने और इस आंदोलन को बहुत जोरशोर से आगे बढ़ाया ! पर इस आंदोलन एक नया मोड़ तब आया जब अरविंद केजरीवाल ने एक राजनितिक पार्टी पार्टी बना कर चुनाव लड़ने का फैसला किया अन्ना भ्रष्टाचार विरोधी जनलोकपाल आंदोलन को राजनीति से अलग रखना चाहते थे ! पर अरविंद केजरीवाल राजनितिक पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने के रस्ते को ही सही मन रहे थे ! इस अरविंद केजरीवाल अपने कुछ साथियो के साथ मिल कर एक पार्टी बानी जिसका नाम रखा गया 'आम आदमी पार्टी '  संक्षेप में 'आप' ! साल २०१३ में दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी झाड़ू चुनाव चिन्ह के साथ चुनावी मैदान में उतरी। पार्टी ने सबको चोकते हुए चुनाव में २८ सीटों पर जीत दर्ज़ की पर अभी वो पूर्ण बहुमत से दूर थी ! इसलिए आप को कांग्रेस का साथ लेना पड़ा !  कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनायी गई । अरविन्द केजरीवाल ने २८ दिसम्बर २०१३ को दिल्ली के ७वें मुख्य मन्त्री पद की शपथ ली। ४९ दिनों के बाद १४ फ़रवरी २०१४ को विधान सभा में जन लोकपाल विधेयक प्रस्तुत करने के प्रस्ताव को समर्थन न मिल पाने के कारण अरविंद केजरीवाल की सरकार ने त्यागपत्र दे दिया।साल २०१५ में आप एक बार फिर चुनाव में उतरी और इसबार उसने चमत्कार करते हुए बहुत आसानी से पूर्ण बहुत हासिल किया ! २८ दिसम्बर २०१३ को अरविंद केजरीवाल दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने ! 2014 भारतीय आम चुनाव में आप ने 432 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का उतारे ! पार्टी को यहाँ भी चमत्कार की उम्मीद थी पर आशा के विपरीत पार्टी का प्रदर्शन फीका रहा तथा पार्टी के सभी प्रमुख नेता चुनाव हार गए। लेकिन बहुत अच्छा प्रदर्शन न कर पाने के बावजूद पार्टी ने पंजाब में चार सीटों- पटियाला, संगरूर, फरीदकोट तथा फतेहगढ़ साहिब में विजय प्राप्त की।

mohala clinic

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