आदर्श चुनाव आचार संहिता ''आचार संहिता'' क्या है !

एक ऐसा कानून या निमावली जिसके लागु होते ही सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं

आदर्श चुनाव आचार संहिता ''आचार संहिता'' क्या है !

एक ऐसा कानून या निमावली जिसके लागु होते ही सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं

आदर्श चुनाव आचार संहिता ''आचार संहिता'' क्या है !

आचार संहिता या आदर्श चुनाव आचार संहिता एक प्रकार का भारतीय कानून या निमावली है जो भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों के लिये बनायी गयी है जिसका पालन चुनाव के समय हर राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों  के लिए आती आवश्यक है। दूसरे शब्दो में कहा जाये तो आचार संहिता एक ऐसा नियम है जो आचार संहिता लागु होने की तारीख से ले कर चुनाव ख़तम होने तक जिसका पालन हर राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों करते हैं ! अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन  नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकता है, उसे चुनाव में भाग लेने से रोक जा सकता है , उम्मीदवार के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज हो सकती है और दोषी पाए जाने पर उसे जेल भी जाना पड़ सकता है।
                                   जब किसी प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागु होता है तब प्रदेश सरकार और प्रशासन पर कई बंदिश लग जाती हैं। जो सरकारी प्रदेश सरकार के कर्मचारी है वो अब निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं ,ये कर्मचारी अब निर्वाचन आयोग के आधीन कम करेगे जो देश निर्देश इन्हें वह से मिलेगा वो वही करेगे और ये तब तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी  रहेगे जब तक चुनाव खत्म नहीं हो जाते ! प्रदेश का मुख्यमंत्री या मंत्री अब न तो कोई योजना की घोषणा कर सकेंगे नहीं वो न शिलान्यास, लोकार्पण या भूमिपूजन कर सकेगा !  
                      मुख्यमंत्री या मंत्री अब न तो कोई घोषणा कर सकेंगे, न शिलान्यास, लोकार्पण या भूमिपूजन। सरकारी खर्च ऐसे कोई भी आयोजन नहीं किया जा सकता जिसे सत्ता पक्ष या किस भी पक्ष को कोई फायदा पहुचे।  राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए निर्वाचन आयोग पर्वेक्षक नियुक्त करता हैं ताकि राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों  कोई ऐसा कम नहीं करे जो चुनाव आचार संहिता के विपरीत हो ! 

चुनाव आचार संहिता से कुछ नियमो पे एक नज़र :

=== सामान्य नियम ===

# कोई दल ऐसा काम न करे, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों की भावना को कोई ठेस पहुचे।

# कोई भी राजनीतिक दलों किसी की व्यक्तिगत आलोचना या अभद्र टिपणी नहीं कर सकता आलोचना केवल कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो !

# किसी भी धर्म के धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए उसे नहीं किया जा सकता।

# वोट पाने के लालच में किसी भी हद तक नहीं जाये जा सकता जैसे किसी को धमकाना या रिश्वत देना आदि ।

# राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशिय किसी के अनुमति के बिना उसकी घर या भूमि का उपयोग नहीं कर सकते।
# कोई किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें।

# राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील या भाषण नहीं दे सकते जिससे किसी जाती समुदाय की भावनाएँ भड़के ।

=== राजनीतिक सभा के कुछ नियम ===

# किसी भी प्रकार की राजनीतिक सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए।

# दल या प्रत्याशिय ये पहले पता कर ले की जिस स्थान को उन्होंने चुना है वो निषेधाज्ञा नहीं हो।

# सभा स्थल में लाउडस्पीकर का उपयोग करना है तो अनुमति पहले से ले ले ।

# सभा के आयोजक में किसी प्रकार का अपिरये घटना होने पर पुलिस की सहायता करे । 

# अगर जुलूस निकल रहे हैं तो जुलूस का समय, शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय तय कर सूचना पुलिस को दें।

# जुलूस का इंतजाम ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो।

# अगर दो या अधिक राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से जुलूस निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले बात कर लें।

# जुलूस सड़क के दायीं ओर से निकाला जाए।

# जुलूस में ऐसी चीजों का प्रयोग न करें, जिनका दुरुपयोग उत्तेजना के क्षणों में हो सके।

=== मतदान के दिन ===

# दल अपने अधिकृत कार्यकर्ताओं को बिल्ले या पहचान पत्र दें।

# मतदाताओं को दी जाने वाली पर्ची सादे कागज पर हो और उसमें प्रतीक चिह्न, अभ्यर्थी या दल का नाम न हो।

# मतदान के दिन और इसके 24 घंटे पहले किसी को शराब वितरित न की जाए।

# मतदान केन्द्र के पास लगाए जाने वाले कैम्पों में भीड़ न लगाएँ।

# कैम्प साधारण होना चाहिए।

# मतदान के दिन वाहन चलाने पर उसका परमिट प्राप्त करें।

=== सत्ताधारी दल ===

# चुनाव संबंधी कार्यकलापों में शिकायत का मौका न दें।

# मंत्री शासकीय दौरों के दौरान चुनाव प्रचार के कार्य न करें।

# सरकारी विमान और वाहनों का प्रयोग दल के हितों को बढ़ावा देने के लिए न हो।

# हेलीपेड पर एकाधिकार न जताएँ।

# विश्रामगृह, डाक-बंगले या सरकारी आवासों पर एकाधिकार नहीं हो।

# किसी भी सरकारी ईमारत स्थानों का प्रयोग प्रचार कार्यालय के लिए नहीं होगा।

# सरकारी धन पर विज्ञापनों के जरिये उपलब्धियाँ नहीं गिनवाएँगे।

# मंत्रियों के शासकीय भ्रमण पर उस स्थिति में गार्ड लगाई जाएगी जब वे सर्किट हाउस में ठहरे हों।

# कैबिनेट की बैठक नहीं करेंगे।

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