हजरत अली Quotes 4

इस्लाम धर्म के आखरी पैगम्बर हजरत मुहम्मद (PBUH) पूरी दुनिया को इंसानियत और मुहब्बत का सन्देश देने के लिए जाने जाते हैं ! यही बात उनके पुरे परिवार में भी थी ! उनका पूरा परिवार नेक दिली के लिए जाना जाता है। पैगम्बर हजरत मुहम्मद (PBUH) के परिवार का अहम हिस्सा उनके दामाद हजरत अली भी दरियादिली , बहादुरी और मोटिवेशनल बातों के लिए जाने जाते हैं। उनकी कही हुये बाते आज दुनिया को बहुत इंस्पायर करती है !

हजरत अली एक परिचय !

हजरत मुहम्मद (PBUH) की मृत्यु के बाद पहले इमाम (धर्मगुरु) या ख़लीफा हज़रात अबूबकर सिदिक (रजी.) को बनया गया! उसके बाद दो और खलीफा हुए ! चौथा खलीफा हजरत अली को बनाया गया ! हजरत अली पैगम्बर हजरत मुहम्मद (PBUH) के परिवार का अहम हिस्सा उनके दामाद और मुसलमानो के चौथे  खलीफा हैं ! जिन लोगों ने अपनी भावना से हज़रत अली को अपना इमाम (धर्मगुरु) और ख़लीफा (नेता) चुना वो लोग शिया कहलाते हैं।

जन्म

इस्लामिक महीना रजब  की 13 तारीख क़ो, पैग़म्बर (स:अ:व:व) की हिजरत के 23 साल पहले, अबू तालिब (अ:स) के ख़ानदान में एक बच्चे का जन्म हुआ, जिसके तेज से सारा संसार चमक उठा जिसे दुनिया हजरत अली , मौला अली और शेरे खुदा के नाम से भी जानती है ! 

हजरत अली की बहादुरी बहुत मशहूर है

हजरत अली (अ:स) ने मरहब क़ो (जो विरोधी सेना का प्रमुख था) खैबर की जंग में मार दिया!  मरहब वो था जिसकी शक्ति और वीरता किसी क़ो भी कंपा देती थी ! हजरत अली ने खैबर के क़िले का दरवाज़ा (जिसे 20 लोग मिलकर खोलते बंद करते थे), उसे उखाड़ कर ढाल की तरह इस्तेमाल किया! और इसे एक बाँध बना कर उस खाई पर ले गए जहां से इस्लामी सेना खैबर के क़िले में दाख़िल हो सके! ऐसी कई एक घटना अली (अ:स) के ईमान, यक़ीन, निष्ठा, आत्मा, साहस, आत्म बलिदान, और भक्ति के गवाह और प्रमाण हैं! 

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