बॉलीवुड में हीरो बनने की रह आसान या मुश्किल ?

एक 22 वर्षीय लड़का अपने पिता का सपना छोड़ कर अपने सपने पुरे करने एक ऐसी मायनगरी में आता है जहा सपने हकीकत बनने से ज़्यादा टूट जाते हैं !

एक 22 वर्षीय लड़का अपने पिता का सपना छोड़ कर अपने सपने पुरे करने एक ऐसी मायनगरी में आता है जहा सपने हकीकत बनने से ज़्यादा टूट जाते हैं !

बॉलीवुड में हीरो बने की चाह में न जाने कितने लोग रोज़ाना मुम्बई आते हैं और मायूस हो कर लौट जाते हैं ! हज़ारो नौजवानों के ये काफिला हर रोज़ सपनो का शहर कहलाने वाले मुम्बई में जमा होता है इनमे से कुछ की ही किस्मत चमक पाती है बाकि के हाथो निराश ही लगती है ! इन्ही नौजवानों में एक नाम है ललित सत्यार्थी का जो की आगरा का रहने वाला है और अपने मुम्बई आने की दास्ताँ सुना रहा है ! 

मैं हमेशा से एक एक्टर बनना चाहता था ! 
जब मैं ने अपने पिता को ये बात बताई की मैं एक एक्टर बनना चाहता हु वो बहुत ही निराश हुए ! मैं आगरा से हु मेरे पिता एक सुब इंस्पेक्टर हैं और मेरे छे और चाचा भी पुलिस में हैं ! जब मैं १८ साल का हुआ मैंने १२वी पास करने के बाद मैंने पुलिस एग्जाम की तयारी शुरू कर दी ! मैंने फॉर्म फइलल किया एग्जाम दिया ! लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा दोनों एग्जाम दिया पर मेरे मन तो कही और लगा हुआ था !                                                          मैं एग्जाम में पास हो गया आप मुझे मेडिकल के लिए जाना था पर मैं नहीं गया ! ये बात जान कर मेरे पिता बहुत निराश हुए क्यों की वो मुझे पुलिस में देखना कहते थे ! मैंने BBA में दाखिल ले लिए कुछ दिनों बाद मैंने सुना मुकेश खन्ना (जो एक एक्टर हैं जिन्हें महाभारत और शक्तिमान में उनके भूमिका के लिए जाना जाता है ) आगरा में एक एक्टिंग संथान खोल रहे हैं जिसका नाम उन्होंने Shaktimaan Institute Of Agra रखा था ! मैं वह गया और ऑडिशन दिया ! लगभग 250 स्टूडेंट्स में से 10 को चुना गया और इन 10 में से मेरा नंबर तीसरा था ! ये बात मैंने अपने पिता तक किसी और से पहुचाई क्युकी मुझे में इतनी हिम्मत नहीं थी की मैं खुद जाकर अपने पिता को ये बता सकु ! मुझे ज़रा भी उम्मीद नहीं थी की मेरे पिता मुझे एक्टिंग सिखने के लिए 70,000 की फी देगे पर अगले दिन संसथान से एक कॉल आयी और उन्होंने बतया मेरी फीस दी जा चुकी है और आप आकर कर ज्वाइन करे ! ये पहला ऐसा समय था जब मैंने अपने पिता से अपने मन की बात बताई और अपने पसंदीदा भविष्व के बारे में बतया हो ! मेरे पिता ने कहा मैं जनता हु तुम मेरी सुनने वाले नहीं हो इसलिए जो तुम करना चाहते हो उसी में कुछ अच्छा करो ! 
 
मैं एक्टिंग संसथान ज्वाइन कर लिया ! यहाँ मुझे ४ महीने का कोर्स करना था ! यहाँ मैंने acting skills, body language and diction. सीखा ४ महीने बाद मेरे मैं अपना स्नातक और एक्टिंग कोर्स दोनों पूरा कर लिए ! अब समय था मेरे मुम्बई में कदम रखने का जब मैं मुम्बई जाने का फैसला लिए तो मेरी माता बहुत उदास हुयी और पिता जी को फ़िक्र होरही थी मैं इतने बड़े शहर में कैसे रह सकूँगा ! मेरे एक cousins मुम्बई में था इसलिए मेरे पास रहने का एक ठिकान तो था ही ! पर चार महीने बाद वो मुम्बई से डेल्ही चला गया और मुझे एक नए ठिकाने की तलाश करनी पड़ी ! तब तक मैंने बहुत सरे दोस्त बना लिए थे इसलये हमने एक माकन रेंट पर ले लिया उसका किराया 12000 था और जमा रखना था 50000 हम तीन दोस्तों ने ये माकन मिल कर लिया था इसलये ये रकम तीन हिसो में बात गई ! मैं ये सोच रहा था आगरा में मेरा 7 कमरो का मकान है उस हिसाब से ये बहुत छोटा था ! जब मैं मुम्बई आया तो मैं सिर्फ एक कास्टिंग डायरेक्टर को जनता था ! मैंने उसके साथ फेसबुक पर दोस्ती कर ली ! उसके दोवारा मुझे कुछ कास्टिंग डायरेक्टर के डिटेल्स मिल गए ! जब मैं किसी से मिले जाता मैं लोगो से दोस्ती कर लिया करता जो मेरे जैसे ही होते थे !
                                                 
मैं ने लगभग एक साल में 100 auditions दिए जिनमे से 8 मैंने फिल्मो के लिए दिए थे ! पर मुझे एक भी भूमिका नहीं मिल पायी ! मैं दिन में २ से ३ ऑडिशन दिया करता था ! जिस दिन ऑडिशन नहीं होता मैं बहार निकल जाता अपने जैसे किसी दोस्त के साथ जो काम की तलाश में हो क्युकी इस जॉब में हम घर पे नहीं बैठ सकते ! हम आपस में बैठ कर ये सोच विचार करते की पिछले ऑडिशन में हमने किया गलत किया और कहा पर ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है ! हम एक सर एक दूसरे से नए कटिंग डायरेक्टर के बारे में पूछते या कोई नया धारावाहिक जिसमे कोई एक्टर की ज़रूरत हो उसके बारे में चर्चा करते ! 
                 संघर्ष करते एक्टर अक्सर एक दूसरे की मदद करता है ! जिसके पास जो जानकारी होती है वो दूसरे से शेयर करता है क्युकी की हमसब चाहते हैं की किसी को तो कुछ कामयाबी मिले ! आखिर कर मुझे Mukesh Khanna's film Hamara Hero Shaktimaan में एक छोटा सा रोल मिला जो की पोगो टीवी पर प्रसारित हुआ पर इसके लिए मुझे कोई पैसा नहीं मिला ! फिर मैंने short film called Mujhe Maaf Kar Do में भी काम किया ! चार दिन के काम के लिए मुझे 8000 मिले ! आगे भी मुझे कुछ छोटे मोठे काम मिले पर कोई बड़ा रोल नहीं मिला ! जब मैंने Savdhaan India episode no 512 on Life OK पर काम किया और ये बात अपनी माँ को बतया तो उसने परिवार के सब लोगो को मुझे देखने को कहा ! जब मैं घर आया तो लोगो से बहुत रेस्पेक्ट मिला ! लोग मुझे अपने घरो पे बुलाने लगे और अगर मैं नहीं जा पाता तो वो मेरे घर पर आ जाते ! इन एक सालो में मैं ३-४ बार आगरा आया ! 

                                          मुझे अपने देश में अनेक धर्म और संस्कृति का रहने बहुत अच्छा लगता है ! बस मैं यही चाहता हु की लोग यहाँ लोगो को धर्म से न देखे और यहाँ सब को एजुकेशन मिले ! मैं Lalit Satyarthi अभी 22 साल का हु और एक सुन्दर भविष्य एक सपनो के शहर में बनने के लिए संघर्ष कर रहा हु ! मुझे उम्मीद है मैं एक दिन बड़ा स्टार ज़रूर बनुगा !

boy mumbai hero

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