कार्ल मार्क्स और उनके अनमोल वचन (Karl Marx motivational Quotes)

समाजवाद ज्ञाता और कम्युनिज्म के जन्मदाता कार्ल मार्क्स जिनका जन्म 5 मई 1818 को त्रेवेस (प्रशा) के एक यहूदी परिवार में हुआ।

अर्थशास्त्री, समाजवाद ज्ञाता और कम्युनिज्म के जन्मदाता कार्ल मार्क्स जिनका जन्म 5 मई 1818 को त्रेवेस (प्रशा) के एक यहूदी परिवार में हुआ। 17 साल की आयु में ही मार्क्स ने कानून का अध्ययन करने के लिए बॉन विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। 

शिक्षा समाप्त करने के पश्चात्‌ 1842 में मार्क्स उसी वर्ष कोलोन से प्रकाशित 'राइनिशे जीतुंग' पत्र में पहले लेखक और तत्पश्चात्‌ संपादक के रूप में सम्मिलित हुआ किंतु सर्वहारा क्रांति के विचारों के प्रतिपादन और प्रसार करने के कारण 15 महीने बाद ही 1843 में उस पत्र का प्रकाशन बंद करवा दिया गया। मार्क्स पेरिस चला गया, वहाँ उसने 'द्यूस फ्रांजोसिश' जारबूशर पत्र में हीगेल के नैतिक दर्शन पर अनेक लेख लिखे। 1845 में वह फ्रांस से निष्कासित होकर ब्रूसेल्स चला गया और वहीं उसने जर्मनी के मजदूर सगंठन और 'कम्युनिस्ट लीग' के निर्माण में सक्रिय योग दिया। 1847 में एजेंल्स के साथ 'अंतराष्ट्रीय समाजवाद' का प्रथम घोषणापत्र (कम्युनिस्ट मॉनिफेस्टो) प्रकाशित किया एवं 1859 में ‘दास केपीटल’ (Das Capital) नामक दो अमर ग्रंथों ने दुनिया में तहलका मचा दिया था. 

जीने और लिखने के लिए लेखक 

को पैसे कमाना चाहिए, लेकिन 

किसी भी सूरत में उसे पैसे कमाने 

के लिए जीना और लिखना नहीं 

चाहिए

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