गुमनाम नायक (Hidden Heroes)- एक जानवर ने बचाई कई इंसानो की जान , मिलिए नाटूभाई से जो 50+ लोगो के लिए जीवनसाथी ढूँढने में मदद करते !

भारत हमेशा से ही बहादुर ओर साहसी लोगो का देश रहा है फिर वो चाहे भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस या हमारे देश के सैनिक
ये तो ऐसे लोग है जिन्हे हम जानते है पर हमारे देश मे कई ऐसे लोग है जिन्होने अपनी जान की परवाह ना करते हुए बहुत लोगो की जान बचाई और मदद की | जिन्हे हम गुमनाम नायक या " हीरो" कहते है |
आइए मिलये ऐसे ही कुछ नायको से

ज़ंजीर: एक बहादुर कुत्ता, जिसने 1993 मुंबई बम धमाकों में हजारों लोगों की जान बचाई !

बम निरोधक दस्ते के साथ काम करते हुए ‘जंजीर’ ने लगभग 3329 किलोग्राम से ज्यादा आरडीएक्स विस्फोटक, 600 डेटोनेटर, 249 हैण्ड ग्रेनेड और 6000 राउण्ड्स से ज्यादा कारतूस ढूँढ निकाला।जंजीर की बहादुरी के कारण ही मुंबई में सीरियल बम धमाकों में से तीन बम धमाके टल गए और अनगिनत लोगों की जान बच गई।

मल उठाने वालो को सम्मान से जीना सिखाने वाले बेज़वाड़ा विल्सन

बेज़वाड़ा विल्सन को इस साल, एशिया का नोबेल कहे जाने वाले प्रतिष्टित ‘रेमन मैगसेसे पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें मानव मल साफ करने वाले श्रमिकों के उद्धाऱ के प्रति अपूर्व योगदान के लिए दिया गया। बेजवाड़ा कहते हैं कि वे तब तक संतुष्ट नहीं होंगे जब तक मल उठाने वाला आखिरी व्यक्ति भी अपना काम न छोड़ दे।

इस फुटबॉल खिलाड़ी ने 3 बच्चो की जान बचाते हुए दे दी अपनी जान !

बबलू मार्टिन  फुटबॉल खेलते थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी खेल को बढ़ावा देने और लोगो की मदद करने में समर्पित कर दी थी। 20 अगस्त को मध्य प्रदेश के मैय्यर गाँव में एक इमारत के मलबे के निचे फसे हुए ३ बच्चो की जान बचाते हुये बबलू की मौत हुयी।

निःशुल्क टिफ़िन सेवा के बदले बुजुर्गों की दुआएं बटोर रहे है मुंबई के मार्क !

आई सी कॉलोनी, बोरीवली, मुंबई में रहने वाले, 57 वर्षीय मार्क डीसूजा ने अपनी ख़ुशी उन वृद्धो की मुस्कान में खोज ली है जिन्हें वे पिछले तीन सालों से मुफ्त टिफ़िन सेवा दे रहे हैं।

बुज़ुर्गों को अकेलेपन से दूर करने के लिए नाटूभाई चला रहे हैं मैरेज ब्यूरो!

नाटूभाई का मानना है प्यार किसी भी उम्र में हो सकता है। इसलिए समाज की परवाह न करते हुए वृद्ध लोगों को शादी कर लेनी चाहिए।  नाटूभाई 50 वर्ष से ज्यादा की उम्र के लोगों को जीवनसाथी ढूँढने में मदद कर रहे हैं।

सेना को बीस साल से निशुल्क कमांडो ट्रेनिंग दे रहीं देश की पहली महिला कमांडो ट्रेनर!

सीमा राव 7 डिग्री ब्लेक बेल्ट धारी मिलिटरी मार्शल आर्ट में भारत की एकमात्र कमांडो ट्रेनर हैं। सीमा राव पिछले बीस साल से भारतीय सेना में ‘कमांडो ट्रेनिंग’ दे रही हैं जिसके बदले वे कुछ नहीं लेतीं।सीमा कॉम्बेट शूटिंग इंस्ट्रक्टर, फायर फाइटर, स्कूबा ड्राइवर, रॉक क्लाइम्बिंग में एचएमआई मेडलिस्ट होने के साथ-साथ मिसेज इंडिया वर्ल्ड की फाइनलिस्ट भी रही हैं।

अपनी आधी तनख्वाह गरीब छात्रों की किताबो में खर्च कर देता है यह कोलकाता का यह शिक्षक !

हावड़ा के सरकारी स्कूल में टीचर ध्रुबज्योति सेन अपनी तनख्वाह के आधे पैसे से ऐसे बच्चों को पढ़ने में मदद करते है। ध्रुबज्योति गणित पढ़ाते हैं और ऐसे बच्चों के लिए हरदम तैयार खड़े होते हैं।

सुरेश बी. चलगेरी सरकारी स्कूल में पढाने के लिए रोज 8 किमी पहाड़ चढ़ते है यह शिक्षक!

विपरीत परिस्थितियों में पढ़ने का जज्बा तो आपने खूब देखा होगा, लेकिन पढाने का ऐसा जज्बा कम ही देखने को मिलता है। पिछले सात साल और नौ महीनों से एक अध्यापक आठ किलोमीटर, पहाड चढ़कर बच्चों को पढाने जाते हैं। असलियत तो ये है कि उन्हीं के इस कठिन परिश्रम की वजह से यह प्राथमिक विद्यालय आज तक चल रहा है। सरकारी स्कूल के इस अध्यापक की इस कहानी से देशभर के सरकारी अध्यापक सीख लें, तो देश के सरकारी स्कूल भी भविष्य की शिक्षित पीढियां पैदा कर सकते हैं।

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