मिलिए दुनिया के Top 10 सबसे बड़े हैकरो से | जिन्होंने अपने कारनामे से दुनिया को हिला दिया था |

इस दुनिया ने काफी लड़ाईया देखे है | पहले तलवारो की फिर गोली बारूदों की पर अब ज़माना बदल गया है , अब लड़ाईया गोली बारूद से न होकर टेक्नोलॉजी से होती है | कंप्यूटर और इंटरनेट इन दोनों ने ही इस दुनिया को काफी बदला | आज दुनिया की शायद ही ऐसी कोई चीज़ हो जिसमे इनकी ज़रूरत न पड़ती हो

आज हमारी हर चीज़ इंटरनेट से जुडी है पर  इन्ही चीज़ो से कुछ लोग छेड़-छाड़ करके आपको नुकसान पंहुचा सकते है |  इन लोगो को हम हैकर्स बोलते है | ये इतने शातिर होते है की इंटरनेट के जरिया ये आपको क्या , ये तो दो देशो में लड़ाई करवा सकते है | आज हम ऐसे ही 10 हैकर्स के बारे में आपको बताएंगे जिन्होंने अपने जिन्होंने अपने कारनामे से दुनिया को हिला दिया था |

अल्बर्ट गोंजालेज

अल्बर्ट गोंजालेज के पास अमेरिका की आधी आबादी के क्रेडिट कार्ड के डिटेल्स थे। 17 करोड़ लोगों के क्रेडिट-डेबिट कार्ड की डिटेल्स बेचकर उसने ने करोड़ों कमाए। उसने शैडोक्यूस नाम से ग्रुप भी बना रखा था। जिसने फर्जी पासपोर्ट, फर्जी हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड और फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बेचकर खूब कमाई की। अल्बर्ट गोंजालेज को पकड़े जाने के बाद 20-20 साल की दो सजाएं सुनाई गईं |

जोनाथन जेम्स

जोनाथन जेम्स जैसे हैकर शयद ही कोई और हो इसे दुनिया का सबसे बड़ा हैकर भी बोला जाता है महज 15 साल की उम्र में इसने अमेरिकी सरकार को हिला दिया था , इसके पास अमेरिकी सरकार के लगभग सभी डाटाबेसों तक पहुंच थी यहाँ तक की रक्षा विभाग और नासा के नेटवर्क भी उसकी पहुंच से बाहर नहीं थे |2007 में पुलिस ने जोनाथन को पकड़ लिया और अपनी बदनामी के कारण जोनाथन ने 2008 में आत्महत्या कर ली।

केविन मिटनिक

केविन मिटनिक को अमेरिका के इतिहास का मोस्ट वांटेड साइबर क्रिमिनल भी कहा जाता है | इतना ही नहीं इसकी ज़िंदगी पर दो फिल्मे भी बनी | केविन ने अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एलर्ट प्रोग्राम में सेंध लगाने के साथ ही कॉरपोरेट सीक्रेट्स भी चुराए थे। जिसके लिए इसे 5 की कैद भी हुई पर जेल से छूटने के बाद केविन ने अपने आप को बदलने का निर्णय लिया आज वो कंप्यूटर सिक्योरिटी पर टिप्स देते है और उनकी एक साइबर सिक्योरिटी की कंपनी है |

केविन पॉलसन

केविन मिटनिक को अमेरिका के इतिहास का मोस्ट वांटेड साइबर क्रिमिनल भी कहा जाता है | इतना ही नहीं इसकी ज़िंदगी पर दो फिल्मे भी बनी | केविन ने अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एलर्ट प्रोग्राम में सेंध लगाने के साथ ही कॉरपोरेट सीक्रेट्स भी चुराए थे। जिसके लिए इसे 5 की कैद भी हुई पर जेल से छूटने के बाद केविन ने अपने आप को बदलने का निर्णय लिया आज वो कंप्यूटर सिक्योरिटी पर टिप्स देते है और उनकी एक साइबर सिक्योरिटी की कंपनी है |

एड्रियन लामो

एड्रियन लामो ने न्यूयॉर्क टाइम्स और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के सिक्योरिटी सिस्टम में सेंध लगाई ओर ये इसने एक साइबर कैफ़े में बैठकर किया | पकडे जाने के बाद अमेरिकी कोर्ट ने उसे 65 हजार डॉलर के जुर्माने के साथ ही 6 माह हाउस अरेस्ट में रखा, साथ ही 2 साल उसे प्रोबेशन पीरियड में भी रखा। एड्रियन लामो ने बाद में पत्रकार का पेशा अपना लिया, साथ ही हैकिंग को लेकर लोगों को टिप्स भी दिए।  

गैरी मैकिनॉन

गैरी ने एक मिलिटरी सिस्टम को हैक किया उसने सेना और नासा के 300 कंप्यूटर पे कब्ज़ा कर लिया था | जब उसे पकड़ा गया तो उसने अपने बयान में बोला की वो सिर्फ यूएफओ और सौर ऊर्जा पर नियंत्रण के उपाय ढूंढ रहा था। इसने अमेरिका के अनगिनत बेहद संवेदनशील फाइलों को डिलीट कर दिया। इससे अमेरिकी सरकार को 70 लाख डॉलर का नुकसान हुआ।

जीनसन जेम्स एंचेता

10 वीं फ़ैल इस हैकर ने 2004 में ऐसा वायरस तैयार किया, जो किसी भी कंप्यूटर में जाते ही उसके लॉग-इन डिटेल्स हैकर तक पहुंचा देता था। इस वायरस की मदद से जीनसन ने घर बैठे ही 5 लाख कंप्यूटरों तक पहुंच हासिल कर ली थी | जिसके बाद एफबीआई ने इसे एक स्टिंग ऑपरेशन ऑपरेशन के ज़रिये पकड़ा |

जॉर्ज हॉट्ज

जॉर्ज हॉट्ज कोई चोर नहीं था उसने तो बस एक बड़ी कंपनी की खामियों को एक ब्लॉग पर डाल दिया था और ये कंपनी ओर कोई नहीं दुनिया की मानी-जानी कंपनी एप्पल थी | जॉर्ज के पास आईफोन के सभी मॉडलों का तोड़ था जिसे उसने अपने ब्लॉग पर डाल दिया था | इसके बाद एप्पल ने जॉर्ज हॉट्ज को कोर्ट में घसीटा पर कोर्ट के बाहर ही मामले को सुलझा लिया गया।

ओवेन वॉकर

ओवेन वॉकर ने अपने 18वें जन्मदिवस पर एक ऐसा कंप्यूटर वायरस बनाया जिसका नाम एक्बॉट वायरस था |  एक्बॉट वायरस से कंप्यूटर अपने आप क्रैश हो जा रहे थे। इस वायरस की वजह से पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय का कंप्यूटर सिस्टम तबाह हो गया, जिसकी वजह से एफबीआई को न्यूजीलैंड सरकार के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाना पड़ा, तब कहीं जाकर ओवेन वॉकर को गिरफ्तार किया गया। जिसे कोर्ट ने अप्रैल 2008 में रिहा कर दिया और आज ओवेन वॉकर एक ऑस्ट्रेलियन टेलीकम्यूनिकेशन कंपनी की सिक्योरिटी डिवीजन का हेड है।

रॉबर्ट टप्पन मॉरिस

रॉबर्ट टप्पन मॉरिस कंप्यूटर फ्रॉड केस में सजा पाने वाला भी पहला व्यक्ति था | कॉर्नेल विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान मॉरिस ने मॉरिस वायरस की खोज की और उसे कंप्यूटर की दुनिया में उतार दिया। इससे काफी कंपनियों को नुकसान पहुंचा। रॉबर्ट टप्पन मॉरिस को 3 साल जेल की सजा सुनाई गई। अब रॉबर्ट टप्पन मॉरिस एक प्रोफेसर के तौर पर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ाते हैं।

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