Bitcoin क्या है ? |

साल 2008 में Satoshi Nakamoto के दुवारा शुरू की गई ये Currency आज बहुत लोकपिरये है !

Bitcoin क्या है ? |

साल 2008 में Satoshi Nakamoto के दुवारा शुरू की गई ये Currency आज बहुत लोकपिरये है !

Bitcoin क्या है ?

Bitcoin Digital Currency का एक फॉर्म है जिसे आम Internet Currency ये electronical Currency भी कहते हैं ये प्रयोग electronically ही किया जा सकता है ! बिटकॉइन एक Decentralized फॉर्म में है इसलिए इसे कोई कंट्रोल्स नहीं कर सकता ! Bitcoin छापा नहीं जा सकता जैसे हम dollar या euros या भारतीय रूपए को देखते हैं ! ये इंसानो के एक समूह दोबारा तैयार किया गया है जो व्यपार को बड़ा रहा है और इसका इस्तेमाल दुनिया में कही भी कंप्यूटर और इन्टरनेट के ज़रिये हो सकता हैं  ! ये Peer To Peer Network Base टेक्नॉलॉजि पर काम करता है l Bitcoin का अविष्कार Santoshi Nakomoto ने सन 2008 में किया था अपने अविष्कार के बाद से ही ये काफी लोकपिरये बनता गया और आज ये काफी Popular Currency बन गया है!

क्या ये दूसरी currencies से अलग है ?

Bitcoin किसी भी प्रकार के लेनदेन के लिए सिर्फ electronically ये इस्तेमाल किया जा सकता है ! हलाकि दुनिया की तक़रीबन सभी बड़ी currencies का इस्तेमाल  electronically भी हो रहा है ! पर bitcoin’s का सबसे बड़ा गुण जो इसे दुसरो से अलग बनाता है वो है इसका decentralized होना यानि को व्यक्ति या समूह इस bitcoin network को कण्ट्रोल नहीं कर सकता !  

कौन है इसका निर्माता ?

एक software developer जिन्हें Satoshi Nakamoto के नाम से जाना जाता है उन्होंने ही bidcoin का आईडिया दुनिया के सामने रखा था ! एक ऐसे करेंसी सिस्टम जोकि mathematical proof पर बेस्ड हो ! Satoshi Nakamoto की योजना एक ऐसी currency बनाने की थी जो किसी भी authority से स्वतंत्र हो जो की electronically ट्रांसफर हो जाये बिलकुल काम समय में और जिसके लेन देन में खर्च काम आये  !

क्या या प्रिंट होता है जैसे डॉलर और यूरो होते हैं ?

इसी को प्रिंट नहीं कर सकता ! ये currency physically प्रिंट नहीं की का सकती इसका कोई कण्ट्रोल किसी ग्रुप ,बैंक या किसी authority के पास नहीं है !

कोई बैंक अपने देश के सनुसार ही  currency छाप सकते हैं जब की bitcoin के साथ ऐसा नहीं है ! जैसा की हम बता चुके हैं ये Peer To Peer Network Base पर काम करता है इसमें देश की कोई लिमिट नहीं है ! इसका इस्तमाल दुनिया में कही भी किया जा सकता हैं कंप्यूटर और इन्टरनेट के माध्यम से !

कैसे होता है वैल्यू निर्धारण ?

जैसे की हम सब जानते हैं Conventional currency के मूल का आधार सोना या चाँदी होता है. जबकि bitcoin में ऐसा नहीं है bitcoin में सोना या चाँदी के आधार पे मूल तय नहीं होता इसके मूल का आधार है मैथमेटिक्स. पूरी दुनिया में लोग एक सॉफ्टवेर का इस्तेमाल कर रहे हैं उस फॉर्मूले का जिससे बिटकॉइंस का मूल तय होता है ! यह software open source है मतलब को भी इस सॉफ्टवेर का code अपने इस्तेमाल के लिए फ्री में यूज़ कर सकता है !

क्या विशेषताएं हैं इसमें ?

Bitcoin की अपने कुछ खास विशेषताएं हैं जिस वजह से ये बाकि सरकारी currencies से अलग नज़र आता है !

1. इसका decentralized होना !

bitcoin किसी भी प्रकार के केन्द्रिति बैंक या संस्था से कण्ट्रोल नहीं होता ! जो भी मशीन bitcoin का लेन देन करता है तो ये इसका नेटवर्क के बिच होता है ! इसे दूसरे रूप में समझने के लिए कोई भी एक संस्था नहीं है जो इसे नियंत्रित करे या जो इसे अपने नियम से चलाये ! इसके नेटवर्क बेस्ड होने का एक फायदा ये हैं की अगर किसी पार्ट में ये काम नहीं कर रहा है तो इसका असर इसके पुरे नेटवर्क पर नहीं पड़ेगा ! साल 2013 में Central European बैंक ने लोगो bitcoin से दूर रखने के लिए इस पर रोक लगा दी ! इस समय भी दुनिया के अलग अलग भागो में ये चलता रहा !  

2. इसमें लेन देन की परिकिर्या आसान है !

परंपरागत बैंक से लेन देना शुरू करने लिए एक लंबे प्रोसेस से गुज़ारना पड़ता है ! जैसे सबसे पहले अकाउंट खुलवाना पड़ता है इसके लिए फॉर्म भरना है डॉक्यूमेंट सबमिट करने है जिसमे समय लगता है ! जबकि बिटकॉइन के साथ ऐसा नहीं है इसमें आप कुछ ही सेकण्ड में अपना अड्रेस बना सकते हैं इसमें कोई सवाल नहीं ,कोई डॉक्युमनेट नहीं ,न ही कोई फीस देनी पड़ती है !

3. Transaction fees का काम होना

परंपरागत बैंक आपको international transfers पे 10 $ (एक अनुमान के अनुसार ) चार्ज करते हैं जबकि Bitcoin के साथ ऐसा कुछ नहीं है !

4. It’s fast

आप बिटकॉइन के दुवारा कही भी पैसा भेज सकते हैं ये काम आपका मिनटो में हो जायेगा जब परंपरागत बैंक में समय लगता है !

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