शेयर बाजार (share market) क्या है?

अगर आपको डेली युस का सामान लेना होगा तो अपनी आस पास की दुकान में जाते हो ! ठीक वैसे है अगर आपको इक्विटी में इन्वेस्ट करना है तो आपको शेयर मार्किट में जाना होगा !

शेयर बाजार क्या है?

अगर आपको डेली युस का सामान लेना होगा तो अपनी आस पास की दुकान में जाते हो ! ठीक वैसे है अगर आपको इक्विटी में इन्वेस्ट करना है तो आपको शेयर मार्किट में जाना होगा !

इक्विटी क्या है ? 

इक्विटी बिज़नेस में आपका ओनरशिप है ! अगर आप XYZ  कंपनी द्वारा जारी कुल 1000 शेयरों में से XYZ कंपनी के 10 शेयरों को लेते हैं - आप XYZ के व्यवसाय में 1% मालिक हैं। इसलिए यदि XYZ  लाभ कमाएगा तो आपको लाभांश और मूल्य प्रशंसा से अपना हिस्सा मिलेगा लेकिन अगर कंपनी घाटे में आता है तो आपकी पूंजी नीचे जाएगी 

किसी भी कंपनी के शेयर को खरीदने या बेचने के ले आपको जिस बाजार में जाना है उसे ही स्टॉक मार्किट कहते है आप शेयर बाजारों ( स्टॉक मार्किट) के बिना किसी सार्वजनिक कंपनी के शेयर खरीद / बेच नहीं सकते।

 स्टॉक मार्किट का मेन उद्देश्य शेयर की खरीद और बिक्री के लिय सुविधा उपलप्ध करना है 

आपके आस पास की दुकान या मार्किट के तरह स्टॉक मार्किट कोई ऐसा मार्किट नहीं जहाँ आप जाके घूम सके मतलब ये फिजिकली रूप में दिखाई देने वाला मार्किट नहीं है बल्कि ये इलक्ट्रोनिक मार्किट है जिसको आप घर बैठे अपने कंप्यूटर पे देख सकते है शेयर खरीद और बेच सकते है 

स्टॉक मार्किट से शेयर खरीदने या बेचने के लिय आपको ये रजिस्टरड स्टॉक ब्रोकर की हेल्प लेनी पार्टी है बिना उसके आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग नहीं कर सकते है 

भारत में २ मुख्या स्टॉक एक्सचेंज है १ . Bombay Stock Exchange (BSE) and the National Stock Exchange (NSE). 

नियामक (Regulator)

भारत में शेयर बाजार नियामक को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड कहा जाता है जिसे अक्सर सेबी कहा जाता है। सेबी का उद्देश्य स्टॉक एक्सचेंजों के विकास को बढ़ावा देना, खुदरा निवेशकों के हितों की रक्षा करना, और बाजार को सही तरीके से चलना है । 

मुख्य रूप से सेबी के काम है 

1. स्टॉक एक्सचेंज अपने काम को ईमानदारी से करे इसके लिय निगरानी रखना 

2. स्टॉक ब्रोकर के काम पे निगरानी रखना 

3. शेयर बाजार के उपभोगता कोई अनुचित कार्य न करे इसकी देखभाल करना 

4. कॉर्पोरेट अनफेयर कार्य करने खुद को फयदा न पंहुचा सके 

5. बड़े करते अपनी मोनोपोली न करे और छोटे बड़े सब व्यापारी की हितो की रक्षा की जा सके 

6. ओवरआल मार्किट का डेवलोपमेन्ट 

सेबी ने इन कामो के लिय अलग अलग संस्था का निर्माण कर दिए है ताकि सरे कामो को सुचारु रूप से चलाया जा सके जैसे डिपॉजिटरी के लिय  NSDL and CDSL  

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